Wednesday, October 21st, 2026

शिवराज का आत्मनिर्भर बजट, वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने पेश किया MP का मंगल बजट

भोपाल
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने मंगलवार को प्रदेश का पहला पेपरलेस बजट पेश करते हुए कहा कि वर्ष 2021-22 में 1 लाख 64 हजार 677 करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्ति का अनुमान है। इसमें राज्य करों से 64914 करोड़ और केंद्रीय करों से प्रदेश के हिस्से को मिलने वाली आमदनी का 52247 करोड़ रुपए का बजट अनुमान शामिल है। टैक्स से अलग राजस्व प्राप्तियां 11742 करोड़ राज्य और 35774 करोड़ रुपए केंद्र सरकार की सहायक अनुदान प्राप्तियों से होने का अनुमान है। कोरोना के कारण वर्ष 2019-20 की तुलना में वर्ष 2020-21 में कुल राजस्व में 5.05 फीसदी की कमी होना संभावित है। इस बजट में कोई भी नया कर लगाने या किसी कर की दर नहीं बढ़ाई जा रही है।

वित्त मंत्री देवड़Þा ने कहा कि 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुसार 2021-22 में राजकोषीय घाटे की सीमा 4 प्रतिशत प्रस्तावित है और ऊर्जा के क्षेत्र में सुधार करने पर इसमें 0.5 प्रतिशत की सीमा मंजूर की जा सकेगी। आगामी वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 50938 करोड़ अनुमानित है जो सकल घरेलू उत्पाद का 4.5 फीसदी है। इस वर्ष 8293 करोड़ का राजस्व घाटा अनुमानित है। बजट में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के विजन को मूर्तरूप देने के लिए आवश्यक प्रावधान किए गए हैं। वर्ष 2021-22 में कुल प्राप्तियां 2 लाख 15 हजार 954 करोड़ तथा कुल व्यय 2 लाख 17 हजार 123 करोड़ होने से शुद्ध लेन देन 1 हजार 167 करोड़ रुपए ऋणात्मक है और अंतिम शेष 5 हजार 465 करोड़ रहने का अनुमान है।

लोन की सीमा को लेकर बजट भाषण में मंत्री देवड़ा ने कहा कि वित्तीय संसाधनों की कमी को देखते हुए भारत सरकार द्वारा अतिरिक्त लोन लेने की सीमा स्वीकृत की गई है जिससे प्रदेश सरकार को सामान्य सीमा 3 प्रतिशत से अधिक विशेष केंद्रीय सहायता के अंतर्गत 1320 करोÞड रुपए सहित 19353 करोड़ की अतिरिक्त सीमा मंजूर की गई है। उन्होंने सदन में कहा कि जीएसटी की प्रतिपूर्ति के लिए 4542 करोड़ रुपए की अतिरिक्त ऋण स्वीकृति करने की सहमति केंद्र सरकार ने एमपी सरकार को दी है। राजकोषीय घाटे का पुनरीक्षित अनुमान 52266 करोड़ रुपए है जो सकल घरेलू उत्पाद का 5.51 प्रतिशत है।

वित्त मंत्री देवड़ा ने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के द्वारा किए जाने वाले प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि सीएम राइज स्कूल योजना संचालित की जाएगी। इस योजना में 9200 विद्यालयों को सर्व सुविधा युक्त विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। हर बसाहट से 15 किमी की परिधि में ऐसे विद्यालय बनाए जाएंगे। इसके प्रथम चरण में 350 विद्यालयों का विकास किया जा रहा है जिसके लिए 1500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की उपलब्धता के लिए 24200 पदों पर शिक्षकों की नवीन भर्ती की जाएगी। स्टेÑंथनिंग टीचिंग लर्निंग एंड रिजल्ट्स फार स्टेट्स योजना के अंतर्गत पूर्व प्राथमिक शिक्षा कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। इसके अलावा अन्य कार्यों के लिए योजना में 26 करोड़ रुपए का प्रस्ताव है। सभी हायर सेकेंडरी और हाईस्कूल में आवश्यक फर्नीचर की पूर्ति का काम तीन साल में करने का लक्ष्य है। इसके लिए आगामी वित्त वर्ष में 319 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

अनुसूचित जनजाति कल्याण के लिए शिवराज सिंह चौहान सरकार ने 24 कन्या परिसरों एवं 4 गुरुकुलम आवासीय विद्यालयों को एकलव्य विद्यालय में अपग्रेड करने का फैसला लिया है जो सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध किए जाएंगे। अजा अजजा के हितग्राहियों को वेबसाइट के माध्यम से आनलाइन पंजीकरण सुविधा दी जा रही है जिसमें 9. 88 लाख से अधिक पंजीयन हो चुके हैं। देवड़ा ने कहा कि विद्यार्थियों क लिए कक्षा 9 से 12 की शिक्षा सुलभ कराने के लिए उनके घर से विद्यालय तक परिवहन व्यवस्था पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बैतूल जिले के आठनेर, उमरिया जिले के पाली, बालाघाट जिले के बिरसा, झाबुआ जिले के झाबुआ और धार जिले के धरमपुरी में लागू की जाएगी। बैगा, सहरिया, भारिया बाहुल्य जिलों में 38 आश्रम शालाएँ पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर प्री प्रायमरी कक्षाओं के रूप में संचालित होंगी। आदिवासी बालिकाओं के लिए 65 आवासीय कन्या शिक्षा परिसर को मंजूरी दी गई है जिसमें से 22 भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष 43 को पूरा कर लिया जाएगा। अजा वर्ग के बच्चों की शिक्षा के लिए ज्ञानोदय विद्यालयों को सीबीएसई मापदंडों के आधार पर अपग्रेड किया जाएगा।

उच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत शासकीय महाविद्यालयों में अधोसंरचना उन्नयन के लिए 879 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में खगोल विज्ञान के प्रचार प्रसार के लिए उज्जैन में क्षेत्रीय विज्ञान उपकेंद्र काम कर रहा है और जबलपुर में नया उपकेंद्र स्थापित किया जाएगा। शिक्षा और संबद्ध क्षेत्र की विभिन्न योजनाएं के लिए आगामी वर्ष में 40958 करोड़ प्रस्तावित है।

भोपाल और इंदौर शहर में मेट्रो रेल परियोजना को गति देने के लिए वर्ष 2021-22 में 262 करोड़ रुपए का प्रावधान बजट में किया गया है। स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत चयनित शहरों के विकास के लिए 900 करोड़ रुपए का प्रवधान किया गया है। हाउसिंग फॉर आॅल योजना के लिए एक हजार 500 करोड़, अमृत योजना अंतर्गत सीवरेज एवं जल प्रदाय कार्यो के लिए 1 हजार करोड़ का भी प्रावधान इस बजट में किया गया है। नगरीय निकायों को वर्ष 2021-22 में चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि को बढ़ाकर तीन हजार 600 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

बिगड़े वनों के प्रबंधन के लिए लगभग पांच हजार वन प्रबंध समितियों को अगले तीन साल में सक्रिय किया जाएगा। । इन क्षेत्रों की सूक्ष्म वन प्रबंधन योजना तैयार की जाकर विदोहन के कार्य में हुए लाभ को इस समितियों के साझा किया जाएगा। अनुसूचित जनजाति आबादी वाले क्षेत्रों में महुआ, चिरोंजी जैसे लघु वनोपज के लिए 13 जिलों में 86 स्थानों पर वन धन केंद्र का विकास किया जा रहा है।

 

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Source : Agency

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